मधुमेह (डायबिटीज) क्या है ? डायबिटीज के लक्षण, कारण, कम करने के उपाय | Diabetes in Hindi – Diabetes kaise Hota Hai

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What is daibetes ? Explain in hindi :-

आजकल की भाग दौड़ वाली जिंदगी में अनियमित जीवनशैली के चलते जो बीमारी सर्वाधिक लोगों को अपनी चपेट में ले रही है वह है मधुमेह । मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है। इस बीमारी का सबसे बुरा पक्ष है वह यह है कि यह शरीर में अन्य कई बीमारियों को जन्म देती है। डायबिटीज के रोगियों को आँखों में दिक्कत , किडनी और लीवर की बीमारी, पैरों में दिक्कत और सूजन आदि समस्याऐं उत्पन्न होती हैं। आजकल यह बीमारी बड़े बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक होना आम बात हो गई है, जोकि एक चिंता का विषय बन गया है।

परिचय :- Diabetes Kya Hai

Diabetes in Hindi

मधुमेह अर्थात डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो तब होती है जब रक्त में उपस्थित ग्लूकोज या शुगर का स्तर बढ़ जाता है। भोजन करने से शरीर को ग्लूकोज मिलता है। इस ग्लूकोज को इंसुलिन नामक हार्मोंन कोशिकाओं तक पहुंचाने का कार्य करता है । इंसुलिन एक हार्मोंन होता है जो अग्नाशय द्वारा बनाया जाता है। कभी – कभी आपका शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता है या अच्छी तरह से इंसुलिन का उपयोग नहीं करता है, तब ग्लूकोज आपके रक्त में रहता है और आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुँचता है। इस स्थिति में ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुँचाना शुरू कर देते हैं।

मधुमेह रोग क्यों होता है :-

मधुमेह ज्यादातर वंशानुगत और जीवनशैली , खानपान खराब होने के कारण होता है। इसमें वंशानुगत को Type -1 और अनियमित जीवनशैली की वजह से होने वाले मधुमेह को Type -2 की श्रेणी में रखा जाता है। डायबिटीज टाइप -१, टाइप -२ प्रकार की होती है। हालांकि दोनों में ही शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। लेकिन दोनों की वजह और इलाज में काफी अंतर है।

Type -1 डायबिटीज क्या है ?

टाइप -1 के अंतर्गत वह लोग आते हैं जिनके माता – पिता, दादा – दादी में किसी को मधुमेह हो तो परिवार के सदस्यों को यह बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। टाइप -1 डायबिटीज में हमारा शरीर इंसुलिन ही बनाना बंद कर देता है अर्थात अग्नाशय की बीटा कोशिकाएं पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं। यह जेनेटिक, ऑटोइम्युन एवं कुछ वायरल संक्रमण के कारण होता है। इसक कारण से ही बचपन में ही बीटा कोशिकाएं ( जिससे इंसुलिन का स्राव होता है ) नष्ट हो जाती हैं। यह बीमारी अक्सर 12 वर्ष से 25 वर्ष से कम आयु के लोगों में देखने को मिलती हैं। भारत में 1% से 4% तक के मामले टाइप -1 डायबिटीज के देखने को मिले हैं।

Type -1 डायबिटीज का इलाज :-

(1) Blood Sugar के स्तर के अनुसार नियमित इंजेक्शन लेना चाहिए।

(2) ऑटोएंटीबॉडी का परीक्षण करा सकते हैं।

(3) नियमित रूप से व्यायाम करें।

(4) संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए।

Type -1 डायबिटीज से समस्या :-

(1) आँखों की समस्या ( Eye Problem)

(2) गुर्दे की बीमारी ( Kidney disease )

(3) आघात ( Stroke)

(4) दिल की बीमारी (Heart disease)

(5) नस की क्षति ( Nerve Damage)

(6) डिप्रेशन ( Depression )

(7) पैरों की क्षति (Foot damage)

Type -2 डायबिटीज क्या है ?

Type -2 डायबिटीज एक गंभीर समस्या है। भारत में 90% व्यक्ति टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं। टाइप-2 में शुगर या ग्लूकोज अधिक मात्रा में बनने लगता है। इंसुलिन हार्मोंन रक्त से ग्लूकोज को कोशिकाओं में पहुंचाने में मदद करता है। जहाँ शरीर ऊर्जा के रूप में इसका उपयोग करता है।

जब अग्नाशय कम मात्रा में इंसुलिन बनाता है, और शरीर में इतना इंसुलिन नहीं हो पाता जितना जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में शुगर कोशिकाओं में जाने की बजाय खून में जमा होने लगता है, तो इसक कारण शरीर के कई हिस्सों में क्षति होती है। कोशिकाओं को अपनी जरूरत के अनुसार इंसुलिन न मिलने पर वे ठीक से काम नहीं कर पाती हैं।

टाइप – 2 के अंतर्गत जीवन शैली खराब होना, व्यायाम न करना , ऑफिस वाले लोगों का एक जगह बैठे रहना, नींद पूरी न लेना, फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करना तथा मोटापा बढ़ना आदि से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।

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मधुमेह टाइप -2 के प्रमुख लक्षण :-

(1) मधुमेह का सर्वप्रमुख लक्षण बार – बार मूत्र त्याग होना।

(2) हार्ट अटैक या स्टोक आना । हार्ट अटैक का खतरा आम व्यक्ति से पचास गुना ज्यादा मधुमेह वालों को बढ़ जाता है।

(3) नेत्र ज्योति में परिवर्तन अर्थात डायबिटीज से रेटिना को नुकसान पहुंचना । इससे व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा हो सकता है।

(4) अत्यधिक प्यास लगना। अर्थात बार – बार मूत्र त्याग होने के कारण शरीर में पानी की कमी होती है इसलिए जीभ सूखती रहती है।

(5) ज्यादा भूख लगना।

(6) शरीर के कुछ स्थानों पर तीव्र खुजली होना।

(7) वजन कम होना।

(8) चक्कर आना ।

(9) सुन्न व सूजे हुए पैर।

(10) जख्मों का धीमे – धीमे भरना।

Type -2 डायबिटीज के कम करने के कुछ घरेलू उपाय:-

(1) साबुत अनाज , फल फाइबर युक्त सब्जियां, रेशेदार भोजन से भरपूर आहार अपनी डाइट में शामिल करें।

(2) एक्सरसाइज अधिक से अधिक करें। व्यायाम से कई प्रकार के लाभ होते हैं सुगर लेवल कंट्रोल रहेगा, मोटापा कम होगा और तनाव से मुक्त रहेंगे।

रोजाना 30 Minute की एक्सरसाइज अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें।

(3) फास्ट फूड, पैकेट बंद फूड इत्यादि से बचें।

(4) ऐल्कोहॉल का सेवन बंद करें। यह आपके रक्त चाप और ट्राइग्लिसराॅयड के स्तर को बढ़ा सकती है।

(5) ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में लेनी चाहिए जिससे हृदय संबंधी समस्याऐं नहीं होंगी।

(6) ब्लड शुगर लेवल की जाँच करायें।

(7) ज्यादातर टाइप -2 के मरीज को स्वीट पोटैटो, बीन्स, किनोआ, फल, जामुन होल ग्रेन आदि अपने खाने में शामिल करें।

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